कौन हैं भगीरथ लाल चौधरी
पारिवारिक पृष्ठभूमि, सार्वजनिक जीवन की शुरुआत और रामनगर से जुड़ाव।
1977 की छात्र राजनीति से लेकर आज तक — वही व्यक्ति, वही रामनगर, वही ज़मीन। न पद ने सोच बदली, न समय ने जुड़ाव।
छात्रसंघ अध्यक्ष से लेकर नगर पालिका अध्यक्ष, रेल लाइन आंदोलन से लेकर गोशाला और ट्रक यूनियन तक — उनका सार्वजनिक जीवन रामनगर की हर बड़ी लड़ाई और हर छोटे काम से जुड़ा रहा है।






तस्वीरें खुद बोलती हैं। दाएँ स्क्रॉल कीजिए — एक ही चेहरा, हर दौर में रामनगर के साथ।

अध्यक्ष, छात्रसंघ — कुमाऊँ विश्वविद्यालय परिसर, नैनीताल। पहली सार्वजनिक जिम्मेदारी।

संयोजक, रामनगर बड़ी रेल लाइन आंदोलन समिति। क्षेत्र की सबसे बड़ी माँग के लिए सड़क पर।

निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में नगर पालिका अध्यक्ष निर्वाचित। कार्यकाल 1996–2002।

अध्यक्ष, कामधेनु गोधाम/गोशाला रामनगर — आज तक निरंतर।

अध्यक्ष, ट्रक यूनियन रामनगर। परिवहन एवं व्यापारिक वर्ग से सीधा जुड़ाव।

प्रदेश सह-महासंयोजक, भारतीय जनता पार्टी उत्तराखंड।
कौन हैं भगीरथ लाल जी, अध्यक्ष रहते क्या काम हुआ, रामनगर के लिए क्या सोच है, और रोजगार का ठोस प्लान क्या है।
पारिवारिक पृष्ठभूमि, सार्वजनिक जीवन की शुरुआत और रामनगर से जुड़ाव।
पहले और अब — किए गए कार्यों के प्रमाण और आँकड़े।
सड़क, पानी, पर्यटन और बुनियादी ढाँचे की 5-सूत्रीय योजना।
पर्यटन, MSME और कौशल केंद्र — कितने अवसर, कितने समय में।
हर हफ्ते अलग वार्ड। खुले सवाल, असली जवाब — तारीफ भी, शिकायत भी। हर क्लिप कैमरे पर सहमति लेकर रिकॉर्ड की गई है।





रामनगर के दुकानदार, MSME और महिला स्वयं सहायता समूह — उनके अपने शब्दों में, उनकी अपनी कहानी।

UPI और डिजिटल विजिबिलिटी से बदलती स्थानीय दुकानदारी।

हस्तशिल्प और खाद्य उत्पाद समूहों को डिजिटल पहचान और बाज़ार।

पर्यटन से जुड़े स्थानीय रोजगार की असली तस्वीर।












युवाओं को अपने ही क्षेत्र में काम मिले, बाहर न जाना पड़े।
कॉर्बेट की पर्यटन क्षमता को स्थानीय कमाई से जोड़ना।
गाँव और शहर के बीच बुनियादी सुविधाओं का फर्क खत्म करना।
युवाओं के लिए प्रशिक्षण केंद्र और खेल सुविधाएँ।
उपज का सही दाम और गाँव की आर्थिक मजबूती।
इलाज के लिए हल्द्वानी-दिल्ली न भागना पड़े।
बच्चों को आधुनिक शिक्षा और इंटरनेट की पहुँच।
सुरक्षा, सम्मान और स्वयं सहायता समूहों को बाज़ार।
खेती और जान-माल की सुरक्षा, प्रकृति से संतुलन बनाकर।
जाम, अतिक्रमण और अनियोजित निर्माण का ठोस समाधान।
नाम, काम और सोच — हिंदी और कुमाऊँनी बोली में। स्टूडियो और लोक, दोनों संस्करण।
समस्या लिखिए या फोन करके बोलिए। हर शिकायत वार्ड के हिसाब से दर्ज होती है और स्थिति की जानकारी आपको वापस भेजी जाती है।
नाम, मोबाइल और वार्ड — बस इतना। जानकारी सिर्फ समाधान और अपडेट भेजने के लिए इस्तेमाल होगी।
लिखना न आता हो तो कोई बात नहीं। मिस्ड कॉल दीजिए, कॉल वापस आएगी — अपनी बात अपनी भाषा में रिकॉर्ड कर दीजिए।
रोज़ एक अपडेट। कभी भी STOP भेजकर बंद कर सकते हैं।
“रामनगर को केवल पर्यटन स्थल नहीं, बल्कि रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य और आधुनिक सुविधाओं से सम्पन्न विकसित क्षेत्र बनाना।”